रिपोर्ट मनप्रीत सिंह
रायपुर छत्तीसगढ़ विशेष ; आज रात छत्तीसगढ विशेष के संपादक मनप्रीत सिंह के घर में दिया लगा कर मनो ऐसा वयतीत हुआ हो जैसे दीपावली की घड़ी आ गई हो , घड़ी की सुइयां 9 बजकर 9 मिनट पर पहुंची ,ऐसा लगा मानो जैसे वक्त थम गया। राजधानी रायपुर के घरों में बिजली की रौशनी बंद हो गई और दीये, मोमबत्ती की टिमटिमाती रौशनी से घरों के दरवाजे और बालकनी रौशन हो उठे। लोग अपने-अपने घरों के दरवाजे , आंगन और बालकनी में निकले तथा 9 मिनट तक एक-एक दीप, मोमबत्ती,टार्च जलाकर कोरोना वायरस को हराने के लिए सामूहिक शक्ति का परिचय दिया। इस दौरान किसी के हाथ में दीपक था, तो कोई मोमबत्ती लिए हुए, तो कोई टार्च और मोबाइल की लाइट जलाकर इस महाअभियान में अपनी -अपनी उपस्थिति दर्ज कराते दिखा।
लोगों में भारी उत्साह नजर आ रहा था। समय से पहले ही दरवाजे, छतों और बालकली में दीये जल उठे थे, जैसे दीपावली हो। स्टेशन रोड ,चौबे कॉलोनी, समता कॉलोनी, गीता नगर , रामनगर, शैलेन्द्र नगर, कटोरा तालाब सहित शहर के अधिकांश क्षेत्रों में ठीक 9 बजकर 9 मिनट पर लोगों ने दीये तो जलाए ही, साथ ही शंख, घडिय़ाल बजाकर कोरोना को हराने का जैसे ऐलान कर दिया। आकाश में आकाशदीप उड़ते नजर आए, तो रंगबिरंगी आतिशबाजी से भी आकाश रौशन हो गया। लोगों ने पटाखे भी जमकर फोड़े। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर देशभर ने कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही लड़ाई में फिर एक बार एकजुटता का परिचय दिया।
राजधानी रायपुर की सड़कें और गलियां भले ही स्ट्रीट लाइट्स से रौशन हो रही थीं, लेकिन घरों के दरवाजे और बालकनी में जल रहे दीये, मोमबत्ती, टार्च की मद्धम रौशनी के साथ जो लोगों की एकजुटता का भाव जुड़ा था, वह हर चुनौती को मात देता नजर आ रहा था क्योंकि करोड़ों भारतीयों की शक्ति इसके साथ जो जुड़ी थी। इस अभियान में कोविड-19 के खिलाफ लडऩे वालों के प्रति देश की कृतज्ञता भी प्रदर्शित हो रही थी। इस दौरान अधिकांश लोगों ने अपने कम्प्यूटर, टीवी भी बंद कर दिए और 9 मिनट तक केवल एक ही बात का ध्यान रखा, कि उन्हें कोरोना वायरस जैसी महामारी को अपने बुलंद हौसलों और एकजुटता से हराना है।
इस दौरान लोगों ने प्रधानमंत्री की उस अपील का भी ध्यान रखा, जिसमें उन्होंने लोगों से दीया जलाते हुए सुरक्षित दूरी बनायें रखने और एक जगह एकत्रित नहीं होने की अपील की थी।