ज्वैलर्स के लिए पंजीकरण और हॉलमार्किंग केंद्रों की मान्यता और नवीकरण के लिए ऑनलाइन प्रणाली शुरू


      # एक जून 2021 से कीमती धातुओं के लिए हॉलमार्किंग की प्रक्रिया अनिवार्य होगी


 Report manpreet singh 


Raipur chhattisgarh VISHESH : नई दिल्ली, केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को ज्वैलर्स के लिए पंजीकरण और नवीकरण की ऑनलाइन प्रणाली और जांच-परख और हॉलमार्किंग केंद्रों की मान्यता और नवीकरण के लिए ऑनलाइन प्रणाली की शुरुआत की। 


इस ऑनलाइन प्रणाली तक भारतीय मानक ब्यूरो के वेब पोर्टल www.manakonline.in के माध्यम से पहुंचा जा सकता है। ऑनलाइन प्रणाली की शुरुआत करते हुए श्री पासवान ने कहा कि पंजीकरण के लिए प्राप्त प्रस्तावों की बड़ी संख्या को मैन्युअल रूप से संभालना बहुत मुश्किल था, इसलिए ये ऑनलाइन माध्यम उन ज्वैलर्स और उद्यमियों दोनों के लिए कारोबार में सुविधा लेकर आएंगे जिन्होंने परख-जांच और हॉलमार्किंग केंद्र स्थापित किए हैं या ऐसा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि 1 जून 2021 से कीमती धातुओं के लिए हॉलमार्किंग की प्रक्रिया अनिवार्य होगी।


 श्री पासवान ने मीडिया को इस योजना के संदर्भ में जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि ऑनलाइन प्रणाली के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि आवेदनों को आगे बढ़ाने के लिए कोई मानवीय चेहरा शामिल नहीं होगा। अब ज्वैलर्स इस ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लाइसेंस प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन करके आवश्यक दस्तावेज और फीस जमा कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस समय कोई भी ज्वैलर्स अपेक्षित शुल्क के साथ आवेदन जमा करता है, उसे पंजीकरण की अनुमति प्रदान कर दी जाएगी। एक ई-मेल और एसएमएस अलर्ट उसके पास चला जाएगा, जो कि पंजीकरण संख्या को सूचित करेगा, और फिर वे पंजीकरण संख्या का उपयोग करके पंजीकरण का प्रमाण पत्र डाउनलोड और प्रिंट कर सकते हैं।


 श्री पासवान ने कहा कि सोने के आभूषणों और कलाकृतियों की हॉलमार्किंग अनिवार्य होने से, पंजीकरण के लिए आने वाले ज्वैलर्स की संख्या वर्तमान में 31 हजार से बढ़कर 5 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है। श्री पासवान ने कहा कि हॉलमार्क कराने के लिए आभूषण और कलाकृतियां की संख्या में भी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि अनुमान है कि यह संख्या 5 करोड़ के मौजूदा स्तर से बढ़कर 10 करोड़ भी हो सकती है। इसके माध्यम से जांच-परख एवं हॉलमार्किंग केंद्रों (एएंडएच) की संख्या में भी वृद्धि करने की आवश्यकता होगी। वर्तमान समय में, देश के 234 जिलों में 921 केंद्र स्थापित हैं। उन्होंने बताया कि बीआईएस जून, 2021 तक शेष 480 जिलों में भी एएंडएच केंद्रों की शुरुआत करने की दिशा में काम कर रहा है। श्री पासवान ने बताया कि अब केवल तीन श्रेणियों के लिए ही बीआईएस हॉलमार्क जारी किए जायेंगे। वे 14 कैरेट (14के585), 18 कैरेट (18के750) और 22 कैरेट (22के916) केवल एएंडएच सेंटर के पहचान चिन्ह/नंबर और ज्वैलर्स पहचान चिन्ह/नंबर के साथ उपलब्ध होंगे।


 


Popular posts
एयर चीफ मार्शल राकेश भदौरिया का बड़ा बयान- LAC पर भारतीय वायुसेना चीन पर पड़ेगी भारी
Image
शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए तकनीकी पाठ्यक्रमों,PET, PPHT, PPT और PMCA की परीक्षाएं रद्द --- शैक्षणिक योग्यता और प्राप्तांक के आधार पर मिलेगी प्रवेश,देखे आदेश
Image
मटका किंग’ के नाम से कुख्यात रतन खत्री का शनिवार को निधन हो गया
Image
महिला कांस्टेबल ने साथ क्वारेंटीन होने BF को बनाया नकली पति, तभी आ पहुंची असली पत्नी फिर जो हुआ...
Image
रमन सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे राजेश मूणत की तथाकथित सेक्स सीडी कांड, मामले की सुनवाई के पहले एक याचिका ने मचाई धमाल,हिल सकती है मुख्यमंत्री की कुर्सी
Image
30 अप्रेल को वीरगति (शहीदी ) प्राप्त करने वाले महान जनरैल हरि सिंह जी नलवा जो की महाराजा रणजीत सिंह जी के सेनाध्यक्ष भी रहे जिन्होंने 1818 में कश्मीर जीता , आज उनको छत्तीसगढ़ विशेष की टीम ,कोटि कोटि नमन करती है । ऐसे महान योद्धा जो इतिहास के पन्नो में न जाने कहाँ खो गए ,जाने उनका इतिहास
Image
छत्तीसगढ़ में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, पुलिस ने 6 लोगों को किया गिरफ्तार
Image