ननि के पूर्व भवन अधिकारी समेत 7 के खिलाफ आरोप पत्र पेश, फर्जी तरीके से जमीन बेचने का मामला


#   भ्रष्टाचार के मामले में ननि के पूर्व भवन अधिकारी राजवीर नयन, लोकायुक्त ने बनाया है प्रकरण। 


#.  जबलपुर,ननि के पूर्व भवन अधिकारी समेत 7 के खिलाफ आरोप पत्र पेश, फर्जी तरीके से जमीन बेचने का मामला


Report manpreet singh 


Raipur chhattisgarh VISHESH : जबलपुर, नगर निगम, जबलपुर के पूर्व भवन अधिकारी राजवीर नयन, उपयंत्री जीएस चंदेल व राजललित गुमास्ता, समयपाल केदार मिश्रा के अलावा बाहरी व्यक्ति मोहम्मद इस्माइल, जावेद व शप्पू के खिलाफ लोकायुक्त कोर्ट में मंगलवार को आरोप पत्र पेश कर दिया गया। लोकायुक्त संगठन, विशेष स्थापना पुलिस, जबलपुर ने उक्त सभी के खिलाफ 13 (1) डी, 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और भादंवि की धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी, 201 के तहत आरोप पत्र लोकायुक्त कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया। मामला अधारताल स्थित बेशकीमती जमीन को फर्जी तरीके से बेचने का है।


लोकायुक्त के अनुसार आरोपित मोहम्मद इस्माइल, जावेद व शप्पू पर आरोप है कि उन्होंने नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत से शिकायतकर्ता एमएल जायसवाल की 45 सौ वर्गफुट जमीन चालाकी से हड़पी। इसके बाद उस पर निर्माण की अनुमति हासिल कर निर्माण कर लिया।


इस मामले में नगर निगम, जबलपुर के तत्कालीन अधिकारियों का नाम सामने आने के बाद जमकर हल्ला मचा था। एक बार लोकायुक्त की ओर से खात्मा तक प्रस्तुत कर दिया गया था। लोकायुक्त कोर्ट ने उसे मंजूर न करते हुए नए सिरे से जांच के बाद आरोप पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसी आदेश के पालन में यह आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया।


Popular posts
हाथी के गोबर से बनी इस चीज का सेवन आप रोज करते हो.. जाने कैसे
Image
बार बंद तो घर में शुरू कर दी हुक्का पार्टी -पुलिस ने की छापेमारी -धरे गए हुक्का पीते 11 रईसजादे
Image
राजधानी रायपुर से लगी खारून नदी के किनारे कुम्हारी से अमलेश्वर तक बनेगी 8 किमी नई सड़क
Image
सर्दियों में सॉफ्ट और खूबसूरत स्किन के लिए फॉलो करें ये जरूरी टिप्स, कोमल बनेगी त्वचा, ग्लो रहेगा बरकरार
Image
महिला कांस्टेबल ने साथ क्वारेंटीन होने BF को बनाया नकली पति, तभी आ पहुंची असली पत्नी फिर जो हुआ...
Image
छत्तीसगढ़ में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, पुलिस ने 6 लोगों को किया गिरफ्तार
Image
PACL के 12 लाख निवेशकों को 429 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का पेमेंट किया जा चुका है। इनमें ज्यादातर छोटे निवेशक हैं, जिन्होंने कंपनी पर 10,000 रुपये तक का दावा किया था - बैंक खाते में भेजे पैसे l
Image