देशबंधु स्कूल प्रबंधन द्वारा पूरे साल भर की फीस मांगने पर, अभिभावकों पर लगातार दबाव बना, महापौर और बाल संरक्षण आयोग बोले जल्द कार्यवाही होगी


#   स्टेशन रोड स्थित देशबंधु स्कूल द्वारा अभिभावकों पर फीस जमा करने बनाया जा रहा लगातार दबाव

#   स्कूल प्रबंधन पूरे साल भर की मांग रहा फीस 

#  दो दिन पूर्व महापौर एजाज ढेबर,विधायक सत्य नारायण शर्मा,संसदीय सचिव विकास उपाध्याय,कुलदीप जुनेजा ने जिला शिक्षा अधिकारी से बात कर इस समस्या को हल करने कहा था

# बाल संरक्षण आयोग ने भी  फटकार लगा बोला था अगर कोई स्कूल अभिभावकों पर फीस जी जबरदस्ती करते या अवहेलना करता पाया जाता है तो निरस्त होगा स्कूल का लाइसेंस

Report manpreet singh 

Raipur chhattisgarh VISHESH : रायपुर, कोरोना काल मे जहाँ मार्च से अब तक स्कूल लगातार बन्द है लोगो के काम धाम छूट गए है लोगो के पास काम नही है ऐसी स्थिति में स्कूल प्रबंधन द्वारा लगातार दबाव बना कर पूरे साल भर को फीस मांगी जा रही है अभिभावकों ने कहा कि देशबंधु आज की नही बरसो पुरानी स्कूल है उसके बाद भी अपने शिक्षकों को पूरी नही आधा पेमेंट दे रहे इतने सालों से स्कूल फंड में करोड़ो रूपये होंगे जब वो अपने शिक्षकों को पूरी फीस नही दे रहे तो हम अभिभावक कोरोना काल के कारण काम धाम बन्द है तो पूरी फीस कैसे दे इसके पूर्व भी अगर फीस देने में एक दिन की भी देरी हो जाती थी तो स्कूल प्रबंधन जुर्माने के रूप में फीस वसूलते थे। अभिभावकों ने कहा जब हाई कोर्ट का स्पेसल आर्डर है कि कोई भी स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा कोई फीस नही लगा तो उसके बाद भी स्कूल प्रबंधन द्वारा हाई कोर्ट ओर बार बार शाशन के आदेशों की अवहेलना की जा रही है शिक्षा मंत्री जी प्रेम साय टेकाम जी,महापौर एजाज ढेबर,विद्यायक सत्य नारायण शर्मा,संसदीय सचिव विकास उपाध्याय,कुलदीप जुनेजा ने डीइओ चंद्राकर जी से बात कर स्कूल की मनमानी रोकने कहा डीईओ ने तत्काल स्कूल प्रबंधन से बात कर उन्हें साफ शब्दों में कहा कि अभिभावकों पर किसी प्रकार का दबाव न बनाय l  

ट्यूशन फीस नहीं जमा करने वाले छात्रों की बंद हुई ऑनलाइन कक्षाएं दोबारा संचालित की जाएंगी. यह फैसला प्राइवेट स्कूल के प्राचार्यों, विधायकों और महापौर की बैठक में लिया गया. साथ ही बैठक में अभिभावकों पर फीस जमा कराने को लेकर अनावश्यक दबाव नहीं बनाने का भी फैसला लिया गया. इस फैसले के बाद अब छात्र पूर्व की तरह ऑनलाइन कक्षाओं में भाग ले सकेंगे. खबर के मुताबिक प्राइवेट स्कूल के प्राचार्यों, विधायकों और महापौर की बैठक में यह फैसला इसलिए लिया गया, ताकि छात्रों की पढ़ाई न नुकसान हो. आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में प्राइवेट स्कूलों ने 9 सितंबर तक ट्यूशन फीस नहीं जमा करने वाले छात्रों की ऑनलाइन कक्षाएं बंद कर दिया था .प्राइवेट स्कूलों के इस फैसले का अभिभावकों और पालक संघ ने विरोध किया था. मामले में पालक संघ ने बाल संरक्षण आयोग से भी गुहार लगाई थी. जिसके बाद बाल संरक्षण आयोग ने स्कूली शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर नाराजगी व्यक्ति की थी और कहा था स्कूलो द्वारा फीस पर जबरदस्ती पर स्कूल का लाइसेंस रद्द किया जाएगा l 


 

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