MRP तो छोड़ दो / तीन गुना दामों में बिक रही PPE किट - कोरोना से मौत को मेडिकल स्टोर संचालकों ने बनाया कमाई का जरिया


Report manpreet singh 

RAIPUR chhattisgarh VISHESH : कोविड संक्रमण से मौत के बाद अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को PPE KIT पहनना जरूरी है। ऐसे में पांच सौ रुपए की पीपीई किट को लोग हजारों रुपए में मजबूरी में खरीद रहे हैं ।कोविड-19 की महामारी के इस विकट दौर में अब लोगों की जरूरत को मौका के तौर पर देखा जाने लगा है। जिसको जिसमें मौका मिल जाए वह उसमें अधिक से अधिक पैसे कमा लेना चाहता था। मेडिकल स्टोर और दुकानदारों ने अब पीपीई किट को कमाई का जरिया बना लिया है। कोविड संक्रमण से मौत के बाद अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को पीपीई किट पहनना जरूरी है। ऐसे में पांच सौ रुपए की पीपीई किट को लोग हजारों रुपए में मजबूरी में खरीद रहे हैं। दुकानदार एमआरपी से ज्यादा दाम पर में पीपीई किट बेच रहे हैं। सरकार ने कोविड संक्रमण से बचाव में इस्तेमाल होने वाली दवाईयों, उपकरण और अन्य मेडिकल सामानों को जरूरी वस्तुओं की श्रेणी में रखा है। बावजूद बाजार में पीपीई किट तीन गुना दामों पर बेचा जा रहा है। 

गम में डूबा परिवार किट की संख्या बताकर पैसे दे देता 

जिस परिवार में मुखिया की मौत हो और मुखाग्नि देने वाला पीपीई किट खरीद रहा हो तब, रेट पूछने का मामला नहीं होता। सेक्टर-9 में जिन कोविड मरीज या सस्पेक्टेड की मौत हुई, उनका परिवार बड़ों व बच्चों को अंतिम दर्शन कराने चार-चार पीपीई किट खरीदकर लाता। गम में डूबा परिवार मेडिकल स्टोर में सिर्फ पीपीई किट कितना लेना है, उसकी संख्या बताता। रेट पूछने का होश भी कहां होता उसे। तब उन्हें अधिक दर पर पीपीई किट थमा दिया जाता। वह परेशान हाल मारच्यूरी की ओर भागता और बच्चों को अंतिम दर्शन कराता फिर पीपीई किट उतारकर डिस्पोजल के लिए रख जाता।

500से 2100 रुपए तक है दाम 

पीपीई किट का रेट मेडिकल स्टोर में 500 से लेकर 2,100 रुपए तक है। शहर के बड़े से बड़े मेडिकल स्टोर वाले भी बताते हैं कि उनके पास 600, 700, 800, 1000 रुपए तक के पीपीई किट मौजूद हैं। अभी मांग बनी हुई है। पहले से कुछ कम जरूर बिक रहा है। मेडिकल स्टोर में इसे क्वालिटी के नाम पर बेचा जा रहा है। जिसका उपयोग महज एक बार चंद मिनट के लिए किया जाता है। उसके बाद निकाल दिया जाता है। इस पीपीई किट से अस्पताल में मौजूद मेडिकल और बाहर स्थित मेडिकल स्टोर ने खूब कमाई की। एक पीपीई किट में एमआरपी लिखा है 2,100 रुपए जिसे बेचना है 700 रुपए में, लेकिन दुकानदार उसे मन मुताबिक रेट में बेच रहे थे। इसी तरह से कुछ पीपीई किट में 2499 रुपए रेट लिखा है। इसका दाम में 700 से 800 के मध्य ही है। जिसे भी अधिक से अधिक दर पर बेचा जा रहा था। एक कोविड अस्पताल में मौजूद मेडिकल स्टोर ने पीपीई किट जिसका एमआरपी 950 रुपए था, उसका रेट 902 रुपए लिया। इस तरह से कई उदाहरण हैं, जिसमें अधिक से अधिक कमाई की गई है।

दाम को लेकर अलग-अलग राय 

मेडिकल स्टोर में अब पीपीई किट आसानी से 500 से 600 रुपए में मिल रहे हैं। एक समय था जब 1000 व 1100 रुपए में ही मिल रहे थे। अब मौत की संख्या घट रही है, तब रेट में भी कुछ कम कर दिया गया है। यह बात मेडिकल स्टोर के संचालक खुद कह रहे हैं। वहीं अस्पताल में मौजूद मेडिकल स्टोर वालों के दाम अभी भी घटा नहीं है। मेडिकल स्टोर के संचालक बताते हैं कि एमआरपी कई पीपीई किट में अधिक लिखा हुआ है। इसका फायदा उठाकर कई दुकानदार उसे अधिक दर पर बेच रहे थे। अब रेट पहले से कम हो गया

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